कुछ रिश्ते नाम के होते हैं
हमारा रिश्ता तूफ़ानी है
जिस्म होकर भी रूहानी है
पियक्कड़ नज़रें
😋😘😋
शुरुआत नज़रों से ही तो हुई थी तब भी
नज़रें ही तो नज़ारों का करवाएगी दर्शन
कदम दो कदम उठेंगे एक दूजे की तरफ
हाथ मिलते ही खिल उठेगा बहार-ए-चमन
कस लेंगे फिर दो प्रेमी एक दूजे को
दिल से मिलेगा दिल मिटाने को चुभन
होंठ मिलेंगे और उंगलियाँ थिरकेंगी
मिलन उत्सव मनाएंगे धरती और गगन
पर्दे उठाएगी सारी कायनात उन लम्हों में
कोई लिबास ना ढक सकेगा सच की अगन
प्रकृति अपने प्राकृतिक रूप में खिल उठेगी
दो जिस्म एक जान हो जायेंगे मगन
इश्क़ और हुस्न का होगा अदभुत मेल
ज़र्रा ज़र्रा महसूस करेगा ये मीठी तपन
समय ठहर जायेगा परम आनंद के लिए
शिवशक्ति को होगा कब दिव्य मिलन
नज़रों से नज़ारों का है ये नमकीन सफ़र
किस्मत वालों को ही मिलता है ये बदन
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