Showing posts with label काम. Show all posts
Showing posts with label काम. Show all posts

Sunday, December 25, 2022

काम की बात

हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़' 
जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं

- दाग देहलवी

काम से काम रखता हूं:

बड़े काम का है ये काम
काम से काम रखता है
काम की बात करता है
फिजूल की बात नहीं

काम calm कर देता है
काम नाम कर देता है
कामुकता आम नहीं

काम पूजा भी है
काम धरम भी है
काम आसान नहीं

काम कम बातें ज्यादा
नफा कम नुकसान ज्यादा
ना नुकूर दरकार नहीं

काम के हो तो काम के ही रहना
काम से कभी न तुम यूं मुँह फेरना
मुँह मुँह की ये बात नहीं

काम रोग हो सकता है
काम वासना हो सकती है
काम नपुंसक लिंग नहीं

काम के चर्चे भी होते हैं
काम के पर्चे भी होते हैं
काम नाकाम नहीं

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE

काम मुहावरा है, काम कहावत है और है एक शैली भी 
काम सूचक भी, सूचना भी है, धोतक भी है और प्रवृत्ति भी
काम बिना जग सूना, काम बिना हम नही, तुम नहीं, कुछ भी नहीं 

काम रचना है
काम घटना है
काम वासना नहीं