बहती नदी के प्रवाह (बल) से निरंतर लुढ़कने से पत्थर अपने स्रोत से आगे बढ़ते हुए अधिक गोल और चिकने हो जाते हैं।
Having someone or something does not necessarily mean physical proximity or closeness. Enjoyment can come from someone or something far away out of totally mental or spiritual presence too.
किसी वस्तु या किसी इंसान से चरम आनंद पाने के लिए ज़रूरी नहीं कि वो रूप से पास हो या नज़दीक हो। आनंद किसी दूर बैठे इंसान या चीज़ से भी मिल सकता है। चरम आनंद के लिए उस वस्तु या इंसान की सिर्फ मानसिक या आध्यात्मिक मौजूदगी भी काफ़ी होती है।
*आनंदित रहने के लिए हर संभावित तरीके से आनंद देते रहिये और लेते रहिए*
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जय श्री महाकाल
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हर सिक्के के यूँ तो दो ही पहलू होते हैं और मुझे तो हर पहलू में तू ही तू नजर आती है मेरी जान,
सिक्के का एक तीसरा पहलू भी होता है जिसमें न चित तेरा न पट मेरा होता है(कोर) मेरी जान,
सही-ग़लत, तेरा-मेरा, अपने-पराये के पार होता है ये ज़हीन-ओ-हसीन पहलू मेरी जानेमन मेरी जान...
उलट-पलट कर देख लो ज़िंदगी की ये हसीन फितरत - हर चीज, हर शय, हर पहलू, हर स्थिति में तुम्हें दिखाई देगा इश्क़-ओ-जुनून का दिल हिला देनेवाला ग़ज़ब का तूफ़ान
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*हर हर महादेव*
शिव शंभू - शिवोsssहम
मनुष्य का मन सदियों से एक जैसा ही सोचता-समझता आया है
मनुष्य के मन का कोई लिंग, प्रकार या आकार नहीं ना होता
स्वयं के मन को पढ़ लो तो जगत के मन को आसानी से समझ लोगे
मन के ईश हो जाओगे तो मन ईश में लीन हो स्वामी हो उठेगा
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