Monday, October 19, 2026

इश्कबाज़

महिलाओं को खुशामदी पसंद है, है ना?
हाँ, उन्हें पसंद है क्योंकि यह सचमुच में एक प्यारी भेंट है ☺️

हालाँकि इश्क़ की अठखेलियाँ या फ्लर्टिंग उतनी ही कलात्मक कला है जितनी वह स्वाभाविक है। यह इश्क़बाजी किसी चीज़ की चाहत अथवा लालसा से परे जाती है और बिना कुछ माँगे या चाहे, खुशी, प्रेम और देखभाल देने से फलती-फूलती है।

सच्चाई इस तथ्य में निहित है कि सच्चे प्रेमी कुछ भी लेने के बजाय सबकुछ देने में अधिक आनंद अनुभव करते हैं।
रहस्यमय आश्चर्य यह है कि आनंदमय परमानंद स्वचालित रूप से एक आशीर्वाद के रूप में तब स्वतः चला आता है जब प्रेमी निस्वार्थ और अंतहीन रूप से देने के मनोभाव से कार्यरत होते हैं।

महाअष्टमी और महानवमी के इस शुभ दिन और शुभ अवसर पर आपको अनंत आनंद की शुभकामनाएँ।

जय माता दी
🙏🌹🙏

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