तुम्हें फूलझड़ी कहूँ तो टूट जाती है लडी..
पटाखा कहूँ तो बजती है कानों में सीटी..
बॉम्ब कहूँ तो रूठ जाते हैं फिल्मी सितारे..
चक्री के चक्कर में अनार बीमार हैं सारे..
घर-घर तुम्हारी ही तरह रंगोली है सजी..
तुम बिन रूप नहीं, स्वर्ग नहीं, नर्क नहीं..
🌶️🔥🌶️
फिर न कहना कि मैं कुछ कहता ही नहीं..
😍💘😍
#रूप चतुर्दशी
#नर्क चतुर्दशी
#छोटी दिवाली
बधाई हो...