Tuesday, September 16, 2014


Blessed we are that God not only watches us from a distance but also keeps an merciful eye on our deeds and is fully aware of the real intent behind our acts. Blessed -because this eye not only makes us fearful of God but also well coscience about the real 'I'.
People's wickedly scornful looks, half-baked truths/beliefs and hateful content behind it terrifies me much more though.

रब्ब राखा जी रब्ब राखा !

मुझे उठाने के लिए वो खुद गिर गयी
देख के ये इबादत दुनिया साली जल गयी
माता रानी को कुबूल है जब ये सौगात 
तेरी माँ की आँख साले फिर क्यों जल गयी 
गिरते हुओं को उठाना तो उसका शास्वत धर्म है 
संभल जा ओ शोशेबाज़! किस्मत तेरी संवर गयी
मोहब्बत के हैं अज़ल से अजीब ये जलवे 
देख जिन्हे दिमागवालों की नीयत फिसल गयी
सुनी शहरवालों ने जब ये दास्ताने इश्क़
दिल क्या कान और पिछवाड़ों में भी आग लग गयी 

Man is bad case....isn't it?

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